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Q: परिरक्षक के रूप में सिरके का प्रयोग बहुत से खाद्य पदार्थों में किया जाता है क्योंकि
  • A. ये खाद्य पदार्थ को वातावरण में उपस्थित वायु के संपर्क में आने से रोकता है।
  • B. ये माध्यम को अम्लीय बना देता है, जिससे जीवाणु जीवित नहीं रह सकते।
  • C. ये नमी को कम कर देता है जिसके कारण जीवाणुओं की वृद्धि नहीं होती।
  • D. इसमें जीवाणुओं को मारने के लिए रसायन होते हैं।
Correct Answer: Option B - परिरक्षक के रूप में सिरके का प्रयोग बहुत से खाद्य पदार्थों में किया जाता है क्योंकि ये माध्यम को अम्लीय बना देता है, जिससे जीवाणु जीवित नही रह सकते। सिरका में ऐसीटिक अम्ल होता है, जो एक प्राकृतिक परिरक्षक है। खाद्य परिरक्षण खाद्य को उपचारित करने और संभालने की एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे उसके खराब होने (गुणवत्ता, खाद्यता या पौष्टिक मूल्य में कमी) की उस प्रक्रिया को रोकता है या बहुत कम कर देता है जो सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा होती है। संरक्षण प्रक्रिया में आमतौर पर बैक्टीरिया, कवक और अन्य जीवाणु की वृद्धि को रोकना और साथ ही साथ सड़ी हुई दुर्गन्ध पैदा करने वाली वसा के ऑक्सीकरण की गति को धीमा करना शामिल है।
B. परिरक्षक के रूप में सिरके का प्रयोग बहुत से खाद्य पदार्थों में किया जाता है क्योंकि ये माध्यम को अम्लीय बना देता है, जिससे जीवाणु जीवित नही रह सकते। सिरका में ऐसीटिक अम्ल होता है, जो एक प्राकृतिक परिरक्षक है। खाद्य परिरक्षण खाद्य को उपचारित करने और संभालने की एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे उसके खराब होने (गुणवत्ता, खाद्यता या पौष्टिक मूल्य में कमी) की उस प्रक्रिया को रोकता है या बहुत कम कर देता है जो सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा होती है। संरक्षण प्रक्रिया में आमतौर पर बैक्टीरिया, कवक और अन्य जीवाणु की वृद्धि को रोकना और साथ ही साथ सड़ी हुई दुर्गन्ध पैदा करने वाली वसा के ऑक्सीकरण की गति को धीमा करना शामिल है।

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परिरक्षक के रूप में सिरके का प्रयोग बहुत से खाद्य पदार्थों में किया जाता है क्योंकि ये माध्यम को अम्लीय बना देता है, जिससे जीवाणु जीवित नही रह सकते। सिरका में ऐसीटिक अम्ल होता है, जो एक प्राकृतिक परिरक्षक है। खाद्य परिरक्षण खाद्य को उपचारित करने और संभालने की एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे उसके खराब होने (गुणवत्ता, खाद्यता या पौष्टिक मूल्य में कमी) की उस प्रक्रिया को रोकता है या बहुत कम कर देता है जो सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा होती है। संरक्षण प्रक्रिया में आमतौर पर बैक्टीरिया, कवक और अन्य जीवाणु की वृद्धि को रोकना और साथ ही साथ सड़ी हुई दुर्गन्ध पैदा करने वाली वसा के ऑक्सीकरण की गति को धीमा करना शामिल है।