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Q: ‘प्रेमसागर’ किसकी रचना है?
  • A. मुंशी सदा सुखलाल
  • B. सदल मिश्र
  • C. लल्लु लाल जी
  • D. रामप्रसाद निरंजनी
Correct Answer: Option C - ‘प्रेमसागर’ लल्लू लाल जी की रचना है। इनकी अन्य रचनाएँ- सिंहासन बत्तीसी, बैताल पच्चीसी, शकुन्तला नाटक, माधोनल, राजनीति, लतायक-टू-हिन्दी, ब्रजभाषा-व्याकरण, सभाविलास, माध्यविलास तथा लाल चन्द्रिका आदि हैं। चन्द्रावली या नासिकेतोपाख्यान, रामचरित तथा हिन्दी पर्शियन वावेबुलरी आदि सदल मिश्र की रचना है। ‘भाषा योग वशिष्ट’ राम प्रसाद निरंजनी की रचना है। जबकि ‘सुखसागर’ मुंशी सदासुख लाल की रचना है।
C. ‘प्रेमसागर’ लल्लू लाल जी की रचना है। इनकी अन्य रचनाएँ- सिंहासन बत्तीसी, बैताल पच्चीसी, शकुन्तला नाटक, माधोनल, राजनीति, लतायक-टू-हिन्दी, ब्रजभाषा-व्याकरण, सभाविलास, माध्यविलास तथा लाल चन्द्रिका आदि हैं। चन्द्रावली या नासिकेतोपाख्यान, रामचरित तथा हिन्दी पर्शियन वावेबुलरी आदि सदल मिश्र की रचना है। ‘भाषा योग वशिष्ट’ राम प्रसाद निरंजनी की रचना है। जबकि ‘सुखसागर’ मुंशी सदासुख लाल की रचना है।

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‘प्रेमसागर’ लल्लू लाल जी की रचना है। इनकी अन्य रचनाएँ- सिंहासन बत्तीसी, बैताल पच्चीसी, शकुन्तला नाटक, माधोनल, राजनीति, लतायक-टू-हिन्दी, ब्रजभाषा-व्याकरण, सभाविलास, माध्यविलास तथा लाल चन्द्रिका आदि हैं। चन्द्रावली या नासिकेतोपाख्यान, रामचरित तथा हिन्दी पर्शियन वावेबुलरी आदि सदल मिश्र की रचना है। ‘भाषा योग वशिष्ट’ राम प्रसाद निरंजनी की रचना है। जबकि ‘सुखसागर’ मुंशी सदासुख लाल की रचना है।