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Q: परमाणु संलयन प्रतिक्रियाएं स्वचालित रूप से होती हैं।
  • A. सूर्य में
  • B. परमाणु रिएक्टर में
  • C. सागर की लहरें
  • D. धरती के क्रोड़ में
Correct Answer: Option A - दो हल्के परमाणु नाभिक परस्पर संयुक्त होकर एक भारी तत्व के परमाणु नाभिक की रचना करते हैं, तो इस प्रक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं। सूर्य से निरन्तर प्राप्त होने वाली ऊर्जा का स्रोत वास्तव में सूर्य के अन्दर हो रही नाभिकीय संलयन प्रक्रिया का परिणाम है। नाभिकीय संलयन की अभिक्रिया लगभग 10⁻⁶ सेकेण्ड में समाप्त हो जाती है। ₁H² + ₁H³ → ₂He⁴ + ₀n¹ + ऊर्जा & (17.6MeV)
A. दो हल्के परमाणु नाभिक परस्पर संयुक्त होकर एक भारी तत्व के परमाणु नाभिक की रचना करते हैं, तो इस प्रक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं। सूर्य से निरन्तर प्राप्त होने वाली ऊर्जा का स्रोत वास्तव में सूर्य के अन्दर हो रही नाभिकीय संलयन प्रक्रिया का परिणाम है। नाभिकीय संलयन की अभिक्रिया लगभग 10⁻⁶ सेकेण्ड में समाप्त हो जाती है। ₁H² + ₁H³ → ₂He⁴ + ₀n¹ + ऊर्जा & (17.6MeV)

Explanations:

दो हल्के परमाणु नाभिक परस्पर संयुक्त होकर एक भारी तत्व के परमाणु नाभिक की रचना करते हैं, तो इस प्रक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं। सूर्य से निरन्तर प्राप्त होने वाली ऊर्जा का स्रोत वास्तव में सूर्य के अन्दर हो रही नाभिकीय संलयन प्रक्रिया का परिणाम है। नाभिकीय संलयन की अभिक्रिया लगभग 10⁻⁶ सेकेण्ड में समाप्त हो जाती है। ₁H² + ₁H³ → ₂He⁴ + ₀n¹ + ऊर्जा & (17.6MeV)