Correct Answer:
Option D - संयोजन के सिद्धांत में प्रमाण अनुपात को प्रकट करता है। विभिन्न आकृतियों का सही-सही ज्ञान प्रमाण कहलाता है। प्रमाण की दृष्टि से कला आचार्यों ने 5 प्रकार के रूप (मानव, भयानक, राक्षस, कुमार और बालक) बताए हैं। प्रमाण के निर्धारण में ताल या इकाई एक सिर होता है।
D. संयोजन के सिद्धांत में प्रमाण अनुपात को प्रकट करता है। विभिन्न आकृतियों का सही-सही ज्ञान प्रमाण कहलाता है। प्रमाण की दृष्टि से कला आचार्यों ने 5 प्रकार के रूप (मानव, भयानक, राक्षस, कुमार और बालक) बताए हैं। प्रमाण के निर्धारण में ताल या इकाई एक सिर होता है।