Correct Answer:
Option D - सूरदास प्रेमचन्द के प्रसिद्ध उपन्यास रंगभूमि का नायक था। कहते है कि प्रेमचन्द को इसके सृजन की प्रेरणा गाँव के एक अंधे भिखारी से मिली थी। ‘रंगभूमि’ का कथानक- औद्योगीकरण के दोष, पूँजीवादियों की शोषण नीति, अंग्रेजों के अत्याचार एवं भारतीय शिक्षितों की चरित्र हीनता का विश्लेषण व चित्रण है।
D. सूरदास प्रेमचन्द के प्रसिद्ध उपन्यास रंगभूमि का नायक था। कहते है कि प्रेमचन्द को इसके सृजन की प्रेरणा गाँव के एक अंधे भिखारी से मिली थी। ‘रंगभूमि’ का कथानक- औद्योगीकरण के दोष, पूँजीवादियों की शोषण नीति, अंग्रेजों के अत्याचार एवं भारतीय शिक्षितों की चरित्र हीनता का विश्लेषण व चित्रण है।