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Q: प्रागैतिहासिक काल के पहले युग को क्या कहा जाता है?
  • A. नवपाषाण युग
  • B. धातु युग
  • C. ताम्र पाषाण युग
  • D. पुरापाषाण काल
Correct Answer: Option D - पुरापाषाण काल प्रागैतिहासिक युग का वह समय है जब मानव ने पत्थर के औजार बनाना सबसे पहले आरम्भ किया। यह काल 25 लाख साल पूर्व से लेकर 3000 साल पूर्व तक माना जाता है। इस दौरान मानव इतिहास का 99% विकास हुआ। इस काल के बाद मध्य पाषाण युग का प्रारम्भ हुआ जब मानव ने पशुपालन शुरू किया था। भारत में पुरापाषाण काल के अवशेष तमिलनाडु के पल्लवरम्, बदमदुरै, अतिरमपक्क्म, मध्य प्रदेश के भीमबेटका और छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सिंहावल में भी मिलते है। इस काल को जलवायु परिवर्तन तथा उस समय के पत्थर के हथियारों और औजारों के प्रकारों के आधार पर निम्न तीन भागों में विभाजित किया गया है। 1. निम्न पुरापाषाण काल, 2. मध्य पुरापाषाण काल 3. उच्च पुरापाषण काल
D. पुरापाषाण काल प्रागैतिहासिक युग का वह समय है जब मानव ने पत्थर के औजार बनाना सबसे पहले आरम्भ किया। यह काल 25 लाख साल पूर्व से लेकर 3000 साल पूर्व तक माना जाता है। इस दौरान मानव इतिहास का 99% विकास हुआ। इस काल के बाद मध्य पाषाण युग का प्रारम्भ हुआ जब मानव ने पशुपालन शुरू किया था। भारत में पुरापाषाण काल के अवशेष तमिलनाडु के पल्लवरम्, बदमदुरै, अतिरमपक्क्म, मध्य प्रदेश के भीमबेटका और छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सिंहावल में भी मिलते है। इस काल को जलवायु परिवर्तन तथा उस समय के पत्थर के हथियारों और औजारों के प्रकारों के आधार पर निम्न तीन भागों में विभाजित किया गया है। 1. निम्न पुरापाषाण काल, 2. मध्य पुरापाषाण काल 3. उच्च पुरापाषण काल

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पुरापाषाण काल प्रागैतिहासिक युग का वह समय है जब मानव ने पत्थर के औजार बनाना सबसे पहले आरम्भ किया। यह काल 25 लाख साल पूर्व से लेकर 3000 साल पूर्व तक माना जाता है। इस दौरान मानव इतिहास का 99% विकास हुआ। इस काल के बाद मध्य पाषाण युग का प्रारम्भ हुआ जब मानव ने पशुपालन शुरू किया था। भारत में पुरापाषाण काल के अवशेष तमिलनाडु के पल्लवरम्, बदमदुरै, अतिरमपक्क्म, मध्य प्रदेश के भीमबेटका और छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सिंहावल में भी मिलते है। इस काल को जलवायु परिवर्तन तथा उस समय के पत्थर के हथियारों और औजारों के प्रकारों के आधार पर निम्न तीन भागों में विभाजित किया गया है। 1. निम्न पुरापाषाण काल, 2. मध्य पुरापाषाण काल 3. उच्च पुरापाषण काल