Correct Answer:
Option A - प्रच्छ् धातु में क्त्वा प्रत्यय के योग से ‘पृष्ट्वा’ रूप बनता है। ‘कर’ या ‘करके’ के अर्थ में क्त्वा प्रत्यय का प्रयोग होता है। क्त्वा में त्वा शेष बचता है।
यथा - क्रीड् + क्त्वा = क्रीडित्वा
छिद् + क्त्वा = छित्वा
प्रच्छ् + क्त्वा = पृष्ट्वा
A. प्रच्छ् धातु में क्त्वा प्रत्यय के योग से ‘पृष्ट्वा’ रूप बनता है। ‘कर’ या ‘करके’ के अर्थ में क्त्वा प्रत्यय का प्रयोग होता है। क्त्वा में त्वा शेष बचता है।
यथा - क्रीड् + क्त्वा = क्रीडित्वा
छिद् + क्त्वा = छित्वा
प्रच्छ् + क्त्वा = पृष्ट्वा