Correct Answer:
Option C - पाणिनि व्याकरण शास्त्र में निपुण थे। संस्कृत भाषा के सबसे बड़े वैयाकरण हुए हैं। इनके व्याकरण ग्रन्थ का नाम अष्टाध्यायी है जिसमें आठ अध्याय और लगभग चार सहस्त्र सूत्र है। संस्कृत भाषा को व्याकरण सम्मत स्वरूप देने में पाणिनि का योगदान अतुलनीय माना जाता है।
C. पाणिनि व्याकरण शास्त्र में निपुण थे। संस्कृत भाषा के सबसे बड़े वैयाकरण हुए हैं। इनके व्याकरण ग्रन्थ का नाम अष्टाध्यायी है जिसमें आठ अध्याय और लगभग चार सहस्त्र सूत्र है। संस्कृत भाषा को व्याकरण सम्मत स्वरूप देने में पाणिनि का योगदान अतुलनीय माना जाता है।