Explanations:
पल्लव वंश के राजा महेन्द्रवर्मन-I (600-630 ई.) के समय में पल्लव साम्राज्य न केवल राजनीतिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं कलात्मक दृष्टि से भी अपने चरमोत्कर्ष पर था। महेन्द्रवर्मन- I ने ‘मत्तविलासप्रहसन’ तथा ‘‘भगवद्ज्जुकीयम’’ जैसे महत्वपूर्ण ग्रन्थों की रचना की तथा संस्कृत में भी कई नाटक लिखे।