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Q: पाल शैली के लघुचित्र इससे संबंधित थे–
  • A. जैन धर्म
  • B. बौद्ध धर्म
  • C. हिन्दू धर्म
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - • पाल शैली के लघुचित्र बौद्ध धर्म से संबंधित है। • भारत में लघु चित्रों की शुरुआत पाल राजाओं द्वारा प्रारम्भ की गयी। • भारत में पाल शासकों द्वारा लघुचित्रों का आरंभ बौद्ध पाण्डुलिपि प्रज्ञापारमिता से हुई, पाल पोथी चित्रों का समय 8वीं शताब्दी से प्रारम्भ हुआ। • पाल शैली में पोथी चित्र एवं लघुचित्र ताल पत्र पर चित्रित किया गया है। • पाल शासक महीपाल ने चैत्य, मूलगंधकुटी, धर्मराजिका स्तूप का निर्माण कराया। • 1087 ई. में चित्रित बुद्ध योग मुद्रा में कमल पर आसीन पाल शैली का उत्तम उदाहरण है।
B. • पाल शैली के लघुचित्र बौद्ध धर्म से संबंधित है। • भारत में लघु चित्रों की शुरुआत पाल राजाओं द्वारा प्रारम्भ की गयी। • भारत में पाल शासकों द्वारा लघुचित्रों का आरंभ बौद्ध पाण्डुलिपि प्रज्ञापारमिता से हुई, पाल पोथी चित्रों का समय 8वीं शताब्दी से प्रारम्भ हुआ। • पाल शैली में पोथी चित्र एवं लघुचित्र ताल पत्र पर चित्रित किया गया है। • पाल शासक महीपाल ने चैत्य, मूलगंधकुटी, धर्मराजिका स्तूप का निर्माण कराया। • 1087 ई. में चित्रित बुद्ध योग मुद्रा में कमल पर आसीन पाल शैली का उत्तम उदाहरण है।

Explanations:

• पाल शैली के लघुचित्र बौद्ध धर्म से संबंधित है। • भारत में लघु चित्रों की शुरुआत पाल राजाओं द्वारा प्रारम्भ की गयी। • भारत में पाल शासकों द्वारा लघुचित्रों का आरंभ बौद्ध पाण्डुलिपि प्रज्ञापारमिता से हुई, पाल पोथी चित्रों का समय 8वीं शताब्दी से प्रारम्भ हुआ। • पाल शैली में पोथी चित्र एवं लघुचित्र ताल पत्र पर चित्रित किया गया है। • पाल शासक महीपाल ने चैत्य, मूलगंधकुटी, धर्मराजिका स्तूप का निर्माण कराया। • 1087 ई. में चित्रित बुद्ध योग मुद्रा में कमल पर आसीन पाल शैली का उत्तम उदाहरण है।