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असम्बद्ध चित्रकार का नाम बताएँ─
Which of the following number is not composite?
एक कथन और उसके बाद दो धारणाएं I और II दी गई हैं। आपको कथन में दी गई जानकारी को सत्य मानते हुए यह बताना है कि दी गई धारणाओं में से कौन-सी धारणाएं कथन में निहित हैं? कथन: परिवहन कर्मियों की हड़ताल के कारण बस सेवाएं पूरी तरह ठप हो गयी , जिसकी वजह से लोग अपने कार्यस्थलों पर नहीं पहुंच सके। धारणा: I नागरिकों को मेट्रो रेल सेवाओं का अधिक उपयोग करना चाहिए। II. बहुत से लोग अपने कार्यस्थल पर जाने के लिए बस सेवाओं पर निर्भर हैं।
केंद्र सरकार ने केरल में कृत्रिम रीफ इकाइयों की स्थापना के लिए कितने करोड़ रुपये आवंटित किये है?
निम्नलिखित में से कौन कीमोथेरेपी को सही ढंग से व्याख्यायित करता है?
‘78’ का संस्कृत पद होगा?
उत्तर प्रदेश में यूपी पर्यटन द्वारा ‘बुंदेलखंड सर्किट में निम्न में से कौन-से गंतव्य शामिल हैं?
कस्मिश्चिन्नगरे मन्थरको नाम तन्तुवाय: प्रतिवसति स्म। कदाचित् तस्य सर्वाणि उपकराणि भग्नानि। तत: कुठारमादाय स: काष्ठार्थं वनं गत:। वने एकं शिंशपापादपं अपश्यत्। स: चिन्तितवान् - महानयं वृक्ष: दृश्यते। तदनेन कर्तितेन प्रभूतानि पटकर्मोपकरणानि भविष्यन्ति। इति विचार्य स: तस्योपरि कुठारम् उत्क्षिप्तवान्। तस्मिन् वृक्षे कश्चित् यक्ष: समाश्रित आसीत्। स: तं तन्तुवायम् उक्तवान् - भो:! अयं पादप: मम आश्रय: भवति। तस्मादयं सर्वथा रक्षणीय:। यतोऽहमत्र सौख्येन तिष्ठामि। तदाकण्यं तन्तुवाय: आह-भो:! अहं किं करोमि। काष्ठसामग्रीं विना मे कुटुम्ब: बुभुक्षया पीड्यते। तस्मात्त्वम् अन्यत्र गम्यताम्। अहम् एनं कर्तिष्यामि। यक्ष आह- भो: ! अहं तुष्टोऽस्मि। तत्प्राथ्यंतामभीष्टम् एनं पादपं च रक्ष। तदा तन्तुवाय: अवदत् - इदानीं स्वगृहं गत्वा स्वमित्रं स्वभार्याम् च पृष्ट्वा आगमिष्यामि। यक्ष: अनुमतिं दत्तवान्। 3. भोः! अहं तुष्टोऽस्मि इति कः अवदत् ?
Explanations:
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