Correct Answer:
Option C - पाल पोथियों में महायान देवी देवताओं तथा बुद्ध के चित्र बनाये जाते थे, किन्तु पोथियों की जिल्द के लिए दोनों ओर पटरे लगाये जाते थे जिन पर उसी प्रकार के चित्र बनाये जाते थे। पटरों पर बुद्ध की जीवनी या जातक कथाओं का सुन्दर अक्षरों में लिखा जाता था। लिपिकार बड़ी सावधानी से लिखाई करता था।
C. पाल पोथियों में महायान देवी देवताओं तथा बुद्ध के चित्र बनाये जाते थे, किन्तु पोथियों की जिल्द के लिए दोनों ओर पटरे लगाये जाते थे जिन पर उसी प्रकार के चित्र बनाये जाते थे। पटरों पर बुद्ध की जीवनी या जातक कथाओं का सुन्दर अक्षरों में लिखा जाता था। लिपिकार बड़ी सावधानी से लिखाई करता था।