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Q: पक्षियों का अध्ययन करने वालों ने यह प्रेक्षण किया है कि पक्षियों की एक विशेष प्रजाति में नर पक्षी अपने-अपने घोसले बनाते हैं। मादा पक्षी उन सभी घोंसलों को देखती है। उनमें से उसे जो सबसे अच्छा लगता है उसमें ही वह अण्डे देने का निश्चय करती है। इस पक्षी का नाम है :
  • A. दर्जिन चिडि़या
  • B. वीवर पक्षी
  • C. कलचिडी
  • D. शक्कर खोरा
Correct Answer: Option B - वीवर पक्षी, एक विशेष प्रकार के पक्षी हैं। जिसमें नर पक्षी अपने-अपने घोंसले बनाते हैं। मादा पक्षी उन सभी घोंसलों को देखती है। उनमें से उसे जो सबसे अच्छा घोंसला लगता है उसमें ही वह अण्डे देने का निश्चय करती है। दार्जिन पक्षी- यह अपनी नुकीली चोंच से पत्तों को सिलकर अपना घोसला बनाते हैं। कलचिड़ी- यह एक आकर्षक पक्षी है जो पत्थरों के बीच अपने अंडे देती है। शक्कर खोरा- यह शाखा से लटकता हुआ घोंसला बनाता है।
B. वीवर पक्षी, एक विशेष प्रकार के पक्षी हैं। जिसमें नर पक्षी अपने-अपने घोंसले बनाते हैं। मादा पक्षी उन सभी घोंसलों को देखती है। उनमें से उसे जो सबसे अच्छा घोंसला लगता है उसमें ही वह अण्डे देने का निश्चय करती है। दार्जिन पक्षी- यह अपनी नुकीली चोंच से पत्तों को सिलकर अपना घोसला बनाते हैं। कलचिड़ी- यह एक आकर्षक पक्षी है जो पत्थरों के बीच अपने अंडे देती है। शक्कर खोरा- यह शाखा से लटकता हुआ घोंसला बनाता है।

Explanations:

वीवर पक्षी, एक विशेष प्रकार के पक्षी हैं। जिसमें नर पक्षी अपने-अपने घोंसले बनाते हैं। मादा पक्षी उन सभी घोंसलों को देखती है। उनमें से उसे जो सबसे अच्छा घोंसला लगता है उसमें ही वह अण्डे देने का निश्चय करती है। दार्जिन पक्षी- यह अपनी नुकीली चोंच से पत्तों को सिलकर अपना घोसला बनाते हैं। कलचिड़ी- यह एक आकर्षक पक्षी है जो पत्थरों के बीच अपने अंडे देती है। शक्कर खोरा- यह शाखा से लटकता हुआ घोंसला बनाता है।