Correct Answer:
Option C - यदि कक्षा में पढ़ने वाली रोशनी लिखते समय अपनी मातृभाषा के शब्दों का प्रयोग करती है तो एक भाषा शिक्षक को मातृभाषा वाले शब्दों को स्वीकार करना चाहिए। कक्षा में बच्चे अलग-अलग भाषायी-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। कक्षा में इनकी भाषाओं का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि बच्चों की भाषा को नकारने का अर्थ है उनकी अस्मिता को नकारना। इसलिए भाषा-शिक्षण को बहु-भाषी संदर्भ में रखकर देखने की आवश्यकता है।
C. यदि कक्षा में पढ़ने वाली रोशनी लिखते समय अपनी मातृभाषा के शब्दों का प्रयोग करती है तो एक भाषा शिक्षक को मातृभाषा वाले शब्दों को स्वीकार करना चाहिए। कक्षा में बच्चे अलग-अलग भाषायी-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। कक्षा में इनकी भाषाओं का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि बच्चों की भाषा को नकारने का अर्थ है उनकी अस्मिता को नकारना। इसलिए भाषा-शिक्षण को बहु-भाषी संदर्भ में रखकर देखने की आवश्यकता है।