Correct Answer:
Option C - यह अभिज्ञानशाकुन्तलम् के चतुर्थ अङ्क का श्लोक है। शकुन्तला की विदाई करते समय कण्व ऋषि अपनी वेदना को प्रकट कर रहे हैं। मुझ जैसे तपस्वी को शकुन्तला की विदाई के समय इतना दु:ख हो रहा है तो गृहस्थ लोग पहली बार पुत्री के वियोग से कितने दुखित होते होंगे।
C. यह अभिज्ञानशाकुन्तलम् के चतुर्थ अङ्क का श्लोक है। शकुन्तला की विदाई करते समय कण्व ऋषि अपनी वेदना को प्रकट कर रहे हैं। मुझ जैसे तपस्वी को शकुन्तला की विदाई के समय इतना दु:ख हो रहा है तो गृहस्थ लोग पहली बार पुत्री के वियोग से कितने दुखित होते होंगे।