Correct Answer:
Option B - स्वतंत्रता पश्चात भारत में पंचायतीराज की विचारधारा के औपचारिक प्रतिपादन का श्रेय बलवंत राय मेहता को जाता है। सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952), राष्ट्रीय विस्तार सेवा (1953) की सफलता की जॉच हेतु गठित कमेटी (बलवंत राय मेहता कमेटी) ने भारत में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली की अनुशंसा की। जिसके आधार पर 2 अक्टूबर, 1959 ई. को नागौर (राजस्थान) में पंचायतीराज की नींव रखी गई। स्वतंत्रता पूर्व गॉधी जी, गोपाल कृष्ण गोखले, विनोबा भावे आदि पंचायतीराज की विचारधारा के समर्थक रहे।
B. स्वतंत्रता पश्चात भारत में पंचायतीराज की विचारधारा के औपचारिक प्रतिपादन का श्रेय बलवंत राय मेहता को जाता है। सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952), राष्ट्रीय विस्तार सेवा (1953) की सफलता की जॉच हेतु गठित कमेटी (बलवंत राय मेहता कमेटी) ने भारत में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली की अनुशंसा की। जिसके आधार पर 2 अक्टूबर, 1959 ई. को नागौर (राजस्थान) में पंचायतीराज की नींव रखी गई। स्वतंत्रता पूर्व गॉधी जी, गोपाल कृष्ण गोखले, विनोबा भावे आदि पंचायतीराज की विचारधारा के समर्थक रहे।