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Q: पंचायतों के राजस्व के निम्न स्त्रोतो पर ध्यान दीजिए- (1) वित्त आयोग द्वारा स्थानीय निकाय अनुदान (2) केन्द्रीय सहकारी बैंकों से सहायता (3) केन्द्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं हेतु आंवंटन (4) राज्य संचित निधि से सहायता अनुदान देकर (5) नाबार्ड उपर्युक्त में से पंचायतों हेतु वित्तीयन के लिए सही विकल्प होगा-
  • A. 1, 2, 3 तथा 4
  • B. केवल 1 तथा 2
  • C. 1, 2 तथा 5
  • D. 1, 2, 4 तथा 5
Correct Answer: Option A - 73वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायतों को संवैधानिक स्थिति प्रदान की गयी। उसके वित्तीयन के स्त्रोतों में केन्द्रीय वित्तीय आयोग की अनुशंसा, राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा, केन्द्रीय सहकारी बैकों से सहायता केन्द्र द्वारा प्रायोजित आयोजना आदि शामिल है। नाबार्ड का पूरा नाम ‘‘राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक है। यह सरकार के स्वामित्व वाली संस्थाओं में से एक है जिसका उद्देश्य केवल ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक ऋण उपलब्ध कराना है।
A. 73वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायतों को संवैधानिक स्थिति प्रदान की गयी। उसके वित्तीयन के स्त्रोतों में केन्द्रीय वित्तीय आयोग की अनुशंसा, राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा, केन्द्रीय सहकारी बैकों से सहायता केन्द्र द्वारा प्रायोजित आयोजना आदि शामिल है। नाबार्ड का पूरा नाम ‘‘राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक है। यह सरकार के स्वामित्व वाली संस्थाओं में से एक है जिसका उद्देश्य केवल ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक ऋण उपलब्ध कराना है।

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73वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायतों को संवैधानिक स्थिति प्रदान की गयी। उसके वित्तीयन के स्त्रोतों में केन्द्रीय वित्तीय आयोग की अनुशंसा, राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा, केन्द्रीय सहकारी बैकों से सहायता केन्द्र द्वारा प्रायोजित आयोजना आदि शामिल है। नाबार्ड का पूरा नाम ‘‘राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक है। यह सरकार के स्वामित्व वाली संस्थाओं में से एक है जिसका उद्देश्य केवल ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक ऋण उपलब्ध कराना है।