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Q: औपनिवेशिक काल में कौन-सा प्रमुख उद्योग क्षेत्र भारतीयों के हाथ में था?
  • A. लौह
  • B. खनन
  • C. वस्त्र/कपास
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - औपनिवेशिक काल में वस्त्र/कपास उद्योग भारतीयों का प्रमुख उद्योग था। मशीन उद्योगों के युग से पहले अंतर्राष्ट्र्रीय कपड़ा बाजार में भारत के रेशमी और सूती उत्पादों का ही दबदबा रहता था। अठारहवीं सदी में भारतीय कपड़े की लोकप्रियता से बेचैन होकर इंग्लैण्ड ने कैलिको अधिनियम पारित किया था क्योंकि उस समय वैश्विक कपड़ा बाजार में भारतीय महीन कपड़ा का दबदबा रहता था।
C. औपनिवेशिक काल में वस्त्र/कपास उद्योग भारतीयों का प्रमुख उद्योग था। मशीन उद्योगों के युग से पहले अंतर्राष्ट्र्रीय कपड़ा बाजार में भारत के रेशमी और सूती उत्पादों का ही दबदबा रहता था। अठारहवीं सदी में भारतीय कपड़े की लोकप्रियता से बेचैन होकर इंग्लैण्ड ने कैलिको अधिनियम पारित किया था क्योंकि उस समय वैश्विक कपड़ा बाजार में भारतीय महीन कपड़ा का दबदबा रहता था।

Explanations:

औपनिवेशिक काल में वस्त्र/कपास उद्योग भारतीयों का प्रमुख उद्योग था। मशीन उद्योगों के युग से पहले अंतर्राष्ट्र्रीय कपड़ा बाजार में भारत के रेशमी और सूती उत्पादों का ही दबदबा रहता था। अठारहवीं सदी में भारतीय कपड़े की लोकप्रियता से बेचैन होकर इंग्लैण्ड ने कैलिको अधिनियम पारित किया था क्योंकि उस समय वैश्विक कपड़ा बाजार में भारतीय महीन कपड़ा का दबदबा रहता था।