Correct Answer:
Option D - नये साझेदार के प्रवेश पर किसी सम्पत्ति के मूल्य में हुई वृद्धि तथा दायित्व में हुई कमी को पुनर्मूल्याकन खाते (Revaluation Account) में क्रेडिट किया जाता है। जबकि सम्पत्ति के मूल्य में हुयी कमी तथा दायित्व में हुयी वृद्धि का पुनर्मूल्याकन खाते में डेबिट किया जाता है।
Note- नये साझेदार के प्रवेश, अवकाश ग्रहण एवं मृत्यु पर पुनर्मूल्यांकन खाता खोला जाता है।
D. नये साझेदार के प्रवेश पर किसी सम्पत्ति के मूल्य में हुई वृद्धि तथा दायित्व में हुई कमी को पुनर्मूल्याकन खाते (Revaluation Account) में क्रेडिट किया जाता है। जबकि सम्पत्ति के मूल्य में हुयी कमी तथा दायित्व में हुयी वृद्धि का पुनर्मूल्याकन खाते में डेबिट किया जाता है।
Note- नये साझेदार के प्रवेश, अवकाश ग्रहण एवं मृत्यु पर पुनर्मूल्यांकन खाता खोला जाता है।