Correct Answer:
Option C - वर्षास्तरी मेघ निचले मेघ (निम्न मेघ) का एक उदाहरण है। इन मेघों की ऊँचाई धरातल से 2500 मीटर से कम होती है। वर्षास्तरी मेघ का रंग गहरा भूरा होता है। इनकी सघनता के कारण धरातल पर अंधकार छा जाता है इस मेघ के आगमन से अत्यधिक वर्षा होती है। अन्तर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान परिषद ने मेघों को 10 वर्गों में विभाजित किया है।
(A) उच्च मेघ – 6000 से 20000 मीटर की ऊँचाई तक–
(i) पक्षाभ मेघ (ii) पक्षाभ स्तरी मेघ
(iii) पक्षाभ कपासी मेघ
(B) मध्यम ऊँचाई के बादल– 2500 से 6000 मीटर की ऊँचाई तक–
(i) मध्य स्तरी मेघ (ii) मध्य कपासी मेघ
(C) निचले मेघ– 2500 मीटर से कम ऊँचाई तक –
(i) स्तरी कपासी मेघ (ii) स्तरी मेघ
(iii) वर्षा स्तरी मेघ
(D) ऊर्ध्वाधर विकास वाले मेघ– 18 किमी. या इससे अधिक ऊँचाई तक –
(i) कपासी मेघ (ii) कपासी वर्षा मेघ
C. वर्षास्तरी मेघ निचले मेघ (निम्न मेघ) का एक उदाहरण है। इन मेघों की ऊँचाई धरातल से 2500 मीटर से कम होती है। वर्षास्तरी मेघ का रंग गहरा भूरा होता है। इनकी सघनता के कारण धरातल पर अंधकार छा जाता है इस मेघ के आगमन से अत्यधिक वर्षा होती है। अन्तर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान परिषद ने मेघों को 10 वर्गों में विभाजित किया है।
(A) उच्च मेघ – 6000 से 20000 मीटर की ऊँचाई तक–
(i) पक्षाभ मेघ (ii) पक्षाभ स्तरी मेघ
(iii) पक्षाभ कपासी मेघ
(B) मध्यम ऊँचाई के बादल– 2500 से 6000 मीटर की ऊँचाई तक–
(i) मध्य स्तरी मेघ (ii) मध्य कपासी मेघ
(C) निचले मेघ– 2500 मीटर से कम ऊँचाई तक –
(i) स्तरी कपासी मेघ (ii) स्तरी मेघ
(iii) वर्षा स्तरी मेघ
(D) ऊर्ध्वाधर विकास वाले मेघ– 18 किमी. या इससे अधिक ऊँचाई तक –
(i) कपासी मेघ (ii) कपासी वर्षा मेघ