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Q: न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी (सेवानिवृत्त) बनाम भारत संघ का मामला किससे संबंधित है?
  • A. फुटपाथ पर रहने वालों को आश्रय का अधिकार
  • B. निराश्रितों की आजीविका का अधिकार
  • C. मताधिकार
  • D. व्यक्तियों की निजता का अधिकार
Correct Answer: Option D - न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी (सेवानिवृत्त) बनाम भारत संघ (2017) मामले में निजता के अधिकार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मौलिक अधिकार घोषित किया गया था। निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन का अधिकार एवं व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के आंतरिक हिस्से के रूप में और संविधान के भाग घ्घ्घ् द्वारा गारंटीकृत स्वतन्त्रता के एक हिस्से के रूप में संरक्षित है।
D. न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी (सेवानिवृत्त) बनाम भारत संघ (2017) मामले में निजता के अधिकार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मौलिक अधिकार घोषित किया गया था। निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन का अधिकार एवं व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के आंतरिक हिस्से के रूप में और संविधान के भाग घ्घ्घ् द्वारा गारंटीकृत स्वतन्त्रता के एक हिस्से के रूप में संरक्षित है।

Explanations:

न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी (सेवानिवृत्त) बनाम भारत संघ (2017) मामले में निजता के अधिकार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मौलिक अधिकार घोषित किया गया था। निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन का अधिकार एवं व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के आंतरिक हिस्से के रूप में और संविधान के भाग घ्घ्घ् द्वारा गारंटीकृत स्वतन्त्रता के एक हिस्से के रूप में संरक्षित है।