Correct Answer:
Option C - संविधान के अनुच्छेद 148 में नियत्रंक एवं महालेख परीक्षक के स्वतंत्र पद की व्यवस्था की गयी है। यह केन्द्र, राज्य या किसी अन्य प्राधिकरण या संस्था के महालेखा परीक्षक से जुड़े लेखा मामलों को व्यवस्थापित करता है एवं उनका निरीक्षण करता है। इसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। यह केन्द्र सरकार के लेखों से संबंधित रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है जो उसे संसद पटल पर रखते है, इसके उपरांत संसद इन रिपोर्टो की जांच लोक लेखा समिति से करवाती है और इसके निष्कर्षों से संसद को अवगत कराती है। चूंकि राष्ट्रपति केवल रिपोर्टों को संसद के सदनों के सभा पटल पर रखवाता है और जांच संसद समिति के द्वारा करवाती है, अत: विकल्प (c) सही होगा।
C. संविधान के अनुच्छेद 148 में नियत्रंक एवं महालेख परीक्षक के स्वतंत्र पद की व्यवस्था की गयी है। यह केन्द्र, राज्य या किसी अन्य प्राधिकरण या संस्था के महालेखा परीक्षक से जुड़े लेखा मामलों को व्यवस्थापित करता है एवं उनका निरीक्षण करता है। इसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। यह केन्द्र सरकार के लेखों से संबंधित रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है जो उसे संसद पटल पर रखते है, इसके उपरांत संसद इन रिपोर्टो की जांच लोक लेखा समिति से करवाती है और इसके निष्कर्षों से संसद को अवगत कराती है। चूंकि राष्ट्रपति केवल रिपोर्टों को संसद के सदनों के सभा पटल पर रखवाता है और जांच संसद समिति के द्वारा करवाती है, अत: विकल्प (c) सही होगा।