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Q: ‘नवसाहसांकचरित’ चम्पू कृति के रचनाकार हैं।
  • A. श्रीहर्ष
  • B. दण्डी
  • C. भास
  • D. बाणभट्ट
Correct Answer: Option A - ‘नवसाहसांकचरित’ चम्पू कृति के रचनाकार श्रीहर्ष हैं। श्री हर्ष 12 वीं सदी के संस्कृत के प्रसिद्ध कवि हैं इनकी अन्य प्रमुख कृति नैषधीयचरितम् (22 सर्ग) हैं, जो कि महाकाव्य श्रेणी का ग्रंथ है। यह वृहत्रयी में शामिल है। इसके अतिरिक्त खण्डनखण्डखाद्यम्, स्थैर्य विचार प्रकरण, शिवशक्ति सिद्धम इनके ग्रंथ है। अन्य कवि और उनकी कृति इस प्रकार हैं– कवि कृति दण्डी काव्यादर्श, दशकुमारचरितम्, अवन्तिसुन्दरी कथा। भास अभिषेक नाटक, स्वप्नवासदत्तम्, प्रतिज्ञा यौगंधरायण, पञ्चरात्रम्। बाणभट्ट कादम्बरी (कथा), हर्षचरितम्, पार्वती परिणय।
A. ‘नवसाहसांकचरित’ चम्पू कृति के रचनाकार श्रीहर्ष हैं। श्री हर्ष 12 वीं सदी के संस्कृत के प्रसिद्ध कवि हैं इनकी अन्य प्रमुख कृति नैषधीयचरितम् (22 सर्ग) हैं, जो कि महाकाव्य श्रेणी का ग्रंथ है। यह वृहत्रयी में शामिल है। इसके अतिरिक्त खण्डनखण्डखाद्यम्, स्थैर्य विचार प्रकरण, शिवशक्ति सिद्धम इनके ग्रंथ है। अन्य कवि और उनकी कृति इस प्रकार हैं– कवि कृति दण्डी काव्यादर्श, दशकुमारचरितम्, अवन्तिसुन्दरी कथा। भास अभिषेक नाटक, स्वप्नवासदत्तम्, प्रतिज्ञा यौगंधरायण, पञ्चरात्रम्। बाणभट्ट कादम्बरी (कथा), हर्षचरितम्, पार्वती परिणय।

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‘नवसाहसांकचरित’ चम्पू कृति के रचनाकार श्रीहर्ष हैं। श्री हर्ष 12 वीं सदी के संस्कृत के प्रसिद्ध कवि हैं इनकी अन्य प्रमुख कृति नैषधीयचरितम् (22 सर्ग) हैं, जो कि महाकाव्य श्रेणी का ग्रंथ है। यह वृहत्रयी में शामिल है। इसके अतिरिक्त खण्डनखण्डखाद्यम्, स्थैर्य विचार प्रकरण, शिवशक्ति सिद्धम इनके ग्रंथ है। अन्य कवि और उनकी कृति इस प्रकार हैं– कवि कृति दण्डी काव्यादर्श, दशकुमारचरितम्, अवन्तिसुन्दरी कथा। भास अभिषेक नाटक, स्वप्नवासदत्तम्, प्रतिज्ञा यौगंधरायण, पञ्चरात्रम्। बाणभट्ट कादम्बरी (कथा), हर्षचरितम्, पार्वती परिणय।