Correct Answer:
Option C - नवपलाशपलाशवनं .................. सुमनो भरै:।। श्लोके यमकम् अलंकार: अस्ति। प्रस्तुत श्लोक में यमक अलंकार है।
लक्षण- सत्यर्थेपृथगर्थाया: स्वर व्यंजन संहते ।
क्रमेण तेनैवा वृतिर्यमकं विनिगद्यते।।
भिन्न-भिन्न अर्थों वाले स्वर व्यंजन समुदाय की उसी क्रम में आवृति होने को यमक कहते है।
C. नवपलाशपलाशवनं .................. सुमनो भरै:।। श्लोके यमकम् अलंकार: अस्ति। प्रस्तुत श्लोक में यमक अलंकार है।
लक्षण- सत्यर्थेपृथगर्थाया: स्वर व्यंजन संहते ।
क्रमेण तेनैवा वृतिर्यमकं विनिगद्यते।।
भिन्न-भिन्न अर्थों वाले स्वर व्यंजन समुदाय की उसी क्रम में आवृति होने को यमक कहते है।