search
Q: नाट्य शास्त्र के प्रणेता हैं─
  • A. कालिदास
  • B. वात्स्यायन
  • C. भरतमुनि
  • D. अरस्तू
Correct Answer: Option C - रस-सिद्धान्त के प्रवर्तक आचार्य भरतमुनि माने जाते हैं। भरत का `नाट्यशास्त्र' (प्रथम शताब्दी ई.पू.) पूर्वाचार्यों की रस-विषयक उपलब्धियों को अपने में संजोये हुए है। भरत ने रस को अथर्ववेद से ग्रहीत माना है।
C. रस-सिद्धान्त के प्रवर्तक आचार्य भरतमुनि माने जाते हैं। भरत का `नाट्यशास्त्र' (प्रथम शताब्दी ई.पू.) पूर्वाचार्यों की रस-विषयक उपलब्धियों को अपने में संजोये हुए है। भरत ने रस को अथर्ववेद से ग्रहीत माना है।

Explanations:

रस-सिद्धान्त के प्रवर्तक आचार्य भरतमुनि माने जाते हैं। भरत का `नाट्यशास्त्र' (प्रथम शताब्दी ई.पू.) पूर्वाचार्यों की रस-विषयक उपलब्धियों को अपने में संजोये हुए है। भरत ने रस को अथर्ववेद से ग्रहीत माना है।