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Q: नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सत:’ पंक्ति ली गयी है-‘
  • A. तर्क भाषा से
  • B. वेदान्तरसार से
  • C. श्रीमद्भगवद् गीता से
  • D. सांख्यकारिका से
Correct Answer: Option C - `नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सत:' पङ्क्ति – श्रीमद्भगवद्गीता से ली गयी है। यह पङ्क्ति श्लोक सङ्ख्या 16वाँ तथा अध्याय दूसरा से लिया गया है। यह श्लोक श्रीकृष्ण के द्वारा अर्जुन को समझा रहे हैं कि हे अर्जुन! असत् वस्तु की तो सत्ता नहीं है और सत् का अभाव नहीं है। इस प्रकार इन दोनों का ही तत्त्व तत्त्वज्ञानी पुरुषों द्वारा देखा गया है।
C. `नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सत:' पङ्क्ति – श्रीमद्भगवद्गीता से ली गयी है। यह पङ्क्ति श्लोक सङ्ख्या 16वाँ तथा अध्याय दूसरा से लिया गया है। यह श्लोक श्रीकृष्ण के द्वारा अर्जुन को समझा रहे हैं कि हे अर्जुन! असत् वस्तु की तो सत्ता नहीं है और सत् का अभाव नहीं है। इस प्रकार इन दोनों का ही तत्त्व तत्त्वज्ञानी पुरुषों द्वारा देखा गया है।

Explanations:

`नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सत:' पङ्क्ति – श्रीमद्भगवद्गीता से ली गयी है। यह पङ्क्ति श्लोक सङ्ख्या 16वाँ तथा अध्याय दूसरा से लिया गया है। यह श्लोक श्रीकृष्ण के द्वारा अर्जुन को समझा रहे हैं कि हे अर्जुन! असत् वस्तु की तो सत्ता नहीं है और सत् का अभाव नहीं है। इस प्रकार इन दोनों का ही तत्त्व तत्त्वज्ञानी पुरुषों द्वारा देखा गया है।