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Q: निर्देश-दिये गए निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दिजिए। लक्ष्मण ने अकृत्रिम भ्रातृस्नेह के कारण बड़े भाई का साथ दिया। उन्होंने राज-पाट छोड़ कर अपना शरीर रामचंद्र को अर्पण किया। यह बहुत बड़ी बात है पर उर्मिला ने इससे भी बढ़कर आत्मोत्सर्ग किया। उसने अपनी आत्मा की अपेक्षा अधिक प्यारा अपना पति राम-जानकी के लिए दे डाला और यह आत्मसुखोत्सर्ग उसने तब किया जब उसे ब्याह कर आये हुए कुछ ही समय हुआ था। उसने अपने सांसारिक सुख के सबसे अच्छे अंश से हाथ धो डाला। जो सुख विवाहोत्तर उसे मिलता उसकी बराबरी 14 वर्ष पति-वियोग के बाद का सुख कभी नहीं कर सकता। नवोढ़त्व को प्राप्त होते ही जिस उर्मिला ने रामचंद्र और जानकी के लिए अपने सुख-सर्वस्व पर पानी डाल दिया उसी के लिए अंतर्दर्शी आदि कवि के शब्द-भण्डार में दरिद्रता। लेखक को क्या दु:ख है?
  • A. रामचंद्र राज-पाट छोड़कर वनवास को चले गए।
  • B. लक्ष्मण भी भाई राम के साथ वनवास को चले गए।
  • C. उर्मिला का लक्ष्मण से वियोग हो गया।
  • D. रचनाकारों ने उर्मिला के विषय में कुछ नहीं लिखा।
Correct Answer: Option D - गद्यांश के अनुसार लेखक को दु:ख है कि रचनाकारों ने उर्मिला के विषय में कुछ नहीं लिखा। ‘अंतर्दर्शी आदि कवि के शब्द-भण्डार में दरिद्रता!’ से लेखक ने साहित्यकारों की उर्मिला विषयक उपेक्षा की ओर संकेत किया है।
D. गद्यांश के अनुसार लेखक को दु:ख है कि रचनाकारों ने उर्मिला के विषय में कुछ नहीं लिखा। ‘अंतर्दर्शी आदि कवि के शब्द-भण्डार में दरिद्रता!’ से लेखक ने साहित्यकारों की उर्मिला विषयक उपेक्षा की ओर संकेत किया है।

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गद्यांश के अनुसार लेखक को दु:ख है कि रचनाकारों ने उर्मिला के विषय में कुछ नहीं लिखा। ‘अंतर्दर्शी आदि कवि के शब्द-भण्डार में दरिद्रता!’ से लेखक ने साहित्यकारों की उर्मिला विषयक उपेक्षा की ओर संकेत किया है।