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Q: निर्देश- प्रश्न संख्या (208 से 214) अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा सप्तप्रश्नानां (9-15) समीचीनानि उत्तराणि देयानि- एकस्मिं ग्रामे एक निर्धन: कृषक: वसति स्म। स स्वल्पभूखण्डस्य स्वाम्यासीत् । परन्तु तस्य प्रतिवेशी विस्तृतभूखण्डस्य स्वाम्यासीत् । अस्मात् कारणादेव प्रतिवेशी धनवान् आसीत् । स: स्वयं कृषिकार्यं नाकरोत्। तस्य क्षेत्रे श्रमिका: कार्य कुर्वन्ति स्म। प्रतिवेशिमनसि धनाढ्यताया: अहंकार: संजात:। स: प्रायश: निर्धन-कृषकस्यापमानं करोति स्म। अनेन प्रतिवेशिन: व्यवहारेण निर्धन: कृषक: दु:ख्यभवत् । एकदा खिन्नमनसा स्वक्षेत्रेष्वभ्रमत्। तेन एक: जन: स्वक्षेत्रे मूर्छितवस्थायां दृष्ट:। कृषकेण मूर्छितजनस्य जलबिन्दुभि: सेचनं कृतं। कृषकस्य तत्प्रयासेन मूर्छितजन: संज्ञा लब्धवान् ।
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  • A. पञ्चमी
  • B. षष्ठी
  • C. सप्तमी
  • D. द्वितीया
Correct Answer: Option B - ‘धनाढ्यताया:’ इत्यस्मिं पदे ‘षष्ठी’ विभक्ति : वर्तते। अर्थात्- ‘धनाढ्यताया:’ इस पद में षष्ठी विभक्ति का विधान है। (धन का) ‘षष्ठी शेषे’ इस सूत्र का अर्थ यह है कि जो बात और विभक्तियों से नहीं बतलायी जा सकती, उनको बतलाने के लिए षष्ठी विभक्ति होती है। जहाँ स्वामी तथा भृत्य, जन्य तथा जनक, कार्य तथा कारण इत्यादि सम्बन्ध दिखाये जाते हैं वहाँ षष्ठी का प्रयोग करते हैं। जैसे- राज्ञ: पुरुष: – राजा का पुरुष मृत्तिकाया: घट: – मिट्टी का घड़ा।
B. ‘धनाढ्यताया:’ इत्यस्मिं पदे ‘षष्ठी’ विभक्ति : वर्तते। अर्थात्- ‘धनाढ्यताया:’ इस पद में षष्ठी विभक्ति का विधान है। (धन का) ‘षष्ठी शेषे’ इस सूत्र का अर्थ यह है कि जो बात और विभक्तियों से नहीं बतलायी जा सकती, उनको बतलाने के लिए षष्ठी विभक्ति होती है। जहाँ स्वामी तथा भृत्य, जन्य तथा जनक, कार्य तथा कारण इत्यादि सम्बन्ध दिखाये जाते हैं वहाँ षष्ठी का प्रयोग करते हैं। जैसे- राज्ञ: पुरुष: – राजा का पुरुष मृत्तिकाया: घट: – मिट्टी का घड़ा।

Explanations:

‘धनाढ्यताया:’ इत्यस्मिं पदे ‘षष्ठी’ विभक्ति : वर्तते। अर्थात्- ‘धनाढ्यताया:’ इस पद में षष्ठी विभक्ति का विधान है। (धन का) ‘षष्ठी शेषे’ इस सूत्र का अर्थ यह है कि जो बात और विभक्तियों से नहीं बतलायी जा सकती, उनको बतलाने के लिए षष्ठी विभक्ति होती है। जहाँ स्वामी तथा भृत्य, जन्य तथा जनक, कार्य तथा कारण इत्यादि सम्बन्ध दिखाये जाते हैं वहाँ षष्ठी का प्रयोग करते हैं। जैसे- राज्ञ: पुरुष: – राजा का पुरुष मृत्तिकाया: घट: – मिट्टी का घड़ा।