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Q: निर्देश (प्रश्न संख्या 136 से 140 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढि़ए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। आलस्य को छोड़ने के लिए शारीरिक श्रम करना चाहिए। आलस्य को जीनते का एक यही उपाय है। यदि इससे काम न लिया गया, तो उसकी सजा प्रकृति की ओर से मिले बिना न रहेगी। बीमारियों के या किसी और कष्ट के रूप में वह सजा भोगनी ही पड़ेगी। शरीर श्रम में जो समय लगता है, वह व्यर्थ नहीं जाता। इसका प्रतिफल अवश्य मिलता है। उत्तम आरोग्य प्राप्त होता है। शारीरिक रोग का जैसे मन पर असर होता है, वैसे ही शारीरिक आरोग्य का भी होता है। यह अनुभव सिद्ध है। आलस्य के परिणामस्वरूप सजा किस रूप में मिलती है?
  • A. प्रकृति से दूर होना
  • B. बीमारी एवं कष्ट होना
  • C. मन का दुखी होना
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - आलस्य के परिणामस्वरूप सजा ‘बीमारी एवं कष्ट होना’ के रूप में मिलता है।
B. आलस्य के परिणामस्वरूप सजा ‘बीमारी एवं कष्ट होना’ के रूप में मिलता है।

Explanations:

आलस्य के परिणामस्वरूप सजा ‘बीमारी एवं कष्ट होना’ के रूप में मिलता है।