Q: निर्देश (प्रश्न संख्या 126 से 130 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढि़ए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिन्हित कीजिए। पुस्तकालय वह विशाल ज्ञान-सिंधु है जिसमें विद्या की अक्षय निधियाँ मौजूद हैं जिनके अघ्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है। पुस्कतालय शब्द का निर्माण पुस्तक + आलय दो शब्दों से हुआ है। अर्थात् पुस्तकों के लिए घर/पुस्तकालय में उपयोगी पुस्तकों का संग्रह किया जाता है; जिससे मनुष्य के उच्च चरित्र का निर्माण होता है, और जीवन की उन्नति होती है। इससे मनुष्य में स्वाध्याय की रुचि पैदा होती है और मस्तिष्क का विकास होता है। हमारा हृदय विशाल और उन्नत कैसे बना है?
A.
सामाजिक-राजनीतिक विकास से
B.
विभिन्न रीति-रिवाजों के माध्यम से
C.
पुस्तकों के अध्ययन से
D.
उपर्युक्त में से एक से अधिक
E.
उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer:
Option C - हमारा हृदय विशाल और उन्नत पुस्तकों के अध्ययन से बनता है।
C. हमारा हृदय विशाल और उन्नत पुस्तकों के अध्ययन से बनता है।
Explanations:
हमारा हृदय विशाल और उन्नत पुस्तकों के अध्ययन से बनता है।
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