Correct Answer:
Option A - हमारा जीवन सदा प्रेरणा बन सकता है, यदि हम नि:स्वार्थ भाव से परोपकार करें। अपने नि:स्वार्थ व्यक्तित्व और परहित कर्मों के बल पर हम हमेशा के लिए मानवीय जीवन हेतु उत्प्रेरणा बन सकते हैं।
A. हमारा जीवन सदा प्रेरणा बन सकता है, यदि हम नि:स्वार्थ भाव से परोपकार करें। अपने नि:स्वार्थ व्यक्तित्व और परहित कर्मों के बल पर हम हमेशा के लिए मानवीय जीवन हेतु उत्प्रेरणा बन सकते हैं।