Correct Answer:
Option A - वास्तविकता के विपरीत शिक्षा व्यवस्था गीत-कविता को ‘बाधक के रूप’ में देखती है जो बच्चों के पठन-पाठन के बहुमूल्य समय को नष्ट करती है। वस्तुत: गीत-कविता के द्वारा बच्चों में सृजनात्मकता का विकास होता है।
A. वास्तविकता के विपरीत शिक्षा व्यवस्था गीत-कविता को ‘बाधक के रूप’ में देखती है जो बच्चों के पठन-पाठन के बहुमूल्य समय को नष्ट करती है। वस्तुत: गीत-कविता के द्वारा बच्चों में सृजनात्मकता का विकास होता है।