Correct Answer:
Option A - ज्ञान की प्राप्ति हेतु अच्छे (योग्य) गुरू की अपेक्षा होती है। योग्य गुरू जो ज्ञान लब्ध होता है, वही शिष्य को योग्य बना सकता है। ‘अन्यथा अन्धेनैव नीयमाना यथन्धा’ की स्थिति होती है।
A. ज्ञान की प्राप्ति हेतु अच्छे (योग्य) गुरू की अपेक्षा होती है। योग्य गुरू जो ज्ञान लब्ध होता है, वही शिष्य को योग्य बना सकता है। ‘अन्यथा अन्धेनैव नीयमाना यथन्धा’ की स्थिति होती है।