Correct Answer:
Option D - दिलीप: पुत्ररत्नं ‘गोसेवया’ अलभत अर्थात् राजा दिलीप ने गो सेवा के द्वारा पुत्ररत्न प्राप्त किया। राजा दिलीप रघुवंश वंशीय है।
गौतमशिष्यस्य सत्यकामस्यापि गोसेवयैव तत्वज्ञानं बभूव (गौतम के शिष्य सत्यकाम को गौ सेवा के द्वारा ही तत्त्वज्ञान प्राप्त हुआ)।
अलभत – लभ् धातु लङ्लकार प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।
D. दिलीप: पुत्ररत्नं ‘गोसेवया’ अलभत अर्थात् राजा दिलीप ने गो सेवा के द्वारा पुत्ररत्न प्राप्त किया। राजा दिलीप रघुवंश वंशीय है।
गौतमशिष्यस्य सत्यकामस्यापि गोसेवयैव तत्वज्ञानं बभूव (गौतम के शिष्य सत्यकाम को गौ सेवा के द्वारा ही तत्त्वज्ञान प्राप्त हुआ)।
अलभत – लभ् धातु लङ्लकार प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।