Correct Answer:
Option C - ‘महापुरुष’ में कर्मधारय समास है।
कर्मधारय समास- जिस तत्पुरुष समास के समस्त होने वाले पद समानाधिकरण हों, अर्थात विशेष्य-विशेषण-भव को प्राप्त हों, कर्ताकारक के हों और लिंग वचन में समान हों। वहाँ ‘कर्मधारय तत्पुरुष समास’ होता है।
बहुब्रीहि- समास में आये पदों को छोड़कर जब किसी अन्य पदार्थ की प्रधानता हो, तब उसे बहुब्रीहि समास कहते हैं।
अव्ययीभाव- जिसमें पूर्वपद की प्रधानता हो और सामासिक या समास पद अव्यय हो जाए।
C. ‘महापुरुष’ में कर्मधारय समास है।
कर्मधारय समास- जिस तत्पुरुष समास के समस्त होने वाले पद समानाधिकरण हों, अर्थात विशेष्य-विशेषण-भव को प्राप्त हों, कर्ताकारक के हों और लिंग वचन में समान हों। वहाँ ‘कर्मधारय तत्पुरुष समास’ होता है।
बहुब्रीहि- समास में आये पदों को छोड़कर जब किसी अन्य पदार्थ की प्रधानता हो, तब उसे बहुब्रीहि समास कहते हैं।
अव्ययीभाव- जिसमें पूर्वपद की प्रधानता हो और सामासिक या समास पद अव्यय हो जाए।