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Q: निर्देश (258–263) : अधोलिखितं श्लोकम् पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेषु उत्तरं चित्वा लिखत। केयूरा न विभूषयन्ति पुरुषं हारा न चन्द्रोज्ज्वला:। न स्नानं न विलेपनं न कुसुमं नालङ्कृता मूर्धजा:।। वाण्येका समलज्र्रोति पुरुषं या संस्कृता धार्यते। क्षीयन्ते खलु भूषणानि सततं वाग्भूषणं भूषणम्।। ‘चन्द्रोज्ज्वला:’ इति पदस्य सन्धिच्छेद: अस्ति
  • A. चन्द्रो + उज्ज्वला:
  • B. चन्द्र + ओज्ज्वला:
  • C. चन्द्र + उत् +ज्ज्वला
  • D. चन्द्र + उज्ज्वला:
Correct Answer: Option D - ‘चन्द्रोज्ज्वला:’ इति पदस्य सन्धिविच्छेद: चन्द्र + उज्ज्वला: अस्ति। यह स्वर सन्धि का उदाहरण है। स्वर सन्धि में ‘गुण सन्धि’ (आद्गुण:) का उदाहरण है। अ या आ के बाद ह्रस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ, ऌ हो तो दोनों को मिलाकर क्रमश: ए, ओ, अर्, अल् हो जाते हैं। यहाँ पर चन्द्र + उज्ज्वल: (अ + उ = ओ)।
D. ‘चन्द्रोज्ज्वला:’ इति पदस्य सन्धिविच्छेद: चन्द्र + उज्ज्वला: अस्ति। यह स्वर सन्धि का उदाहरण है। स्वर सन्धि में ‘गुण सन्धि’ (आद्गुण:) का उदाहरण है। अ या आ के बाद ह्रस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ, ऌ हो तो दोनों को मिलाकर क्रमश: ए, ओ, अर्, अल् हो जाते हैं। यहाँ पर चन्द्र + उज्ज्वल: (अ + उ = ओ)।

Explanations:

‘चन्द्रोज्ज्वला:’ इति पदस्य सन्धिविच्छेद: चन्द्र + उज्ज्वला: अस्ति। यह स्वर सन्धि का उदाहरण है। स्वर सन्धि में ‘गुण सन्धि’ (आद्गुण:) का उदाहरण है। अ या आ के बाद ह्रस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ, ऌ हो तो दोनों को मिलाकर क्रमश: ए, ओ, अर्, अल् हो जाते हैं। यहाँ पर चन्द्र + उज्ज्वल: (अ + उ = ओ)।