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Q: निर्देश (205-210): निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। धरती की परियों के सपनीले प्यार में नई चेतना, नई उमंग बोलने लगी। कुछ ऐसे भोर की बयार गुनगुना उठी, अलसाए कुहरे की बाँह सिमटने लगी न नरम-नरम किरणों की नई-नई धूप में राहों के पेड़ों की छाँह लिपटने लगी। ‘कुहरे की बाँह सिमटने लगी’ से तात्पर्य है-
  • A. कोहरा छँटने लगा है।
  • B. कोहरे की बाँह छोटी होने लगी है।
  • C. कोहरा समाप्त हो गया है।
  • D. ते़ज धूप निकल आई है।
Correct Answer: Option A - ‘कुहरे की बाँह सिमटने लगी’ से तात्पर्य है- ‘कोहरा छँटने लगा है।’ शेष दिए गए अन्य विकल्प असंगत है।
A. ‘कुहरे की बाँह सिमटने लगी’ से तात्पर्य है- ‘कोहरा छँटने लगा है।’ शेष दिए गए अन्य विकल्प असंगत है।

Explanations:

‘कुहरे की बाँह सिमटने लगी’ से तात्पर्य है- ‘कोहरा छँटने लगा है।’ शेष दिए गए अन्य विकल्प असंगत है।