Correct Answer:
Option B - ‘भोर की बयार गुनगना उठी’ पंक्ति में मानवीकरण अलंकार है। जहाँ अचेतन वस्तु का चेतन अथवा जीवित (प्राणी) के समान वर्णन किया जाये वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।
जैसे- बीती विभावरी जाग री। अंबर पनघट में डूबो रही तारा घट उषा नागरी।
अनुप्रास व्यंजन वर्णों की आवृत्ति बार-बार होती है वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
रूपक- जहाँ उपमेय और उपमान में असमानता दिखाई गई हो वहाँ रूपक अलंकार होता है। जैसे- चरण कमल बंदौ हरिराई।
उपमा- उपमा का अर्थ समानता या तुलना दिखाना। जहाँ दो अलग-अलग वस्तुओं या व्यक्तियों में रूप, गुण, धर्म, या आकृति व प्रभाव की दृष्टि से अंतर रहते हुए भी समानता दिखाई जाए, वहाँ उपमा अलंकार होता है। जैसे- पीपर पात सरिस मन डोला।
B. ‘भोर की बयार गुनगना उठी’ पंक्ति में मानवीकरण अलंकार है। जहाँ अचेतन वस्तु का चेतन अथवा जीवित (प्राणी) के समान वर्णन किया जाये वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।
जैसे- बीती विभावरी जाग री। अंबर पनघट में डूबो रही तारा घट उषा नागरी।
अनुप्रास व्यंजन वर्णों की आवृत्ति बार-बार होती है वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
रूपक- जहाँ उपमेय और उपमान में असमानता दिखाई गई हो वहाँ रूपक अलंकार होता है। जैसे- चरण कमल बंदौ हरिराई।
उपमा- उपमा का अर्थ समानता या तुलना दिखाना। जहाँ दो अलग-अलग वस्तुओं या व्यक्तियों में रूप, गुण, धर्म, या आकृति व प्रभाव की दृष्टि से अंतर रहते हुए भी समानता दिखाई जाए, वहाँ उपमा अलंकार होता है। जैसे- पीपर पात सरिस मन डोला।