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Q: निर्देश (196-204): निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। तमिलनाडु भारत के दक्षिणी छोर पर बसा राज्य है, जिसे प्रकृति ने मैदानी, समुद्री तथा पर्वतीय विभिन्नताएँ प्रदान कर अपने हाथों से सवारा है। यहाँ के मूल निवासी द्रविड़ हैं और तमिल भाषा बोलते हैं। इस राज्य को वास्तुशिल्प, मूर्ति तथा भवन निर्माण कला की दृष्टि से समृद्ध बनाने में चोल और चेर वंश के राजाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। तमिलनाडु को मंदिरों का राज्य भी कहा जाता है। यहाँ अनेक प्राचीन मंदिर हैं जो स्थापत्य कला के अद्वितीय नमूने हैं। चोल तथा चेर राजाओं ने तमिलनाडु को समृद्ध बनाया है-
  • A. चित्रकला में।
  • B. मंदिर निर्माण कला में।
  • C. गीत-संगीत में।
  • D. वास्तुशिल्प, मूर्ति एवं भवन निर्माण कला में।
Correct Answer: Option D - चोल या चेर राजाओं ने वास्तुशिल्प, मूर्त एवं भवन निर्माण कला में तमिलनाडु को समृद्ध बनाया है। चोल वंशी शासक उत्साही निर्माता थे चोल काल दक्षिण भारतीय कला का स्वर्ण युग कहा जा सकता है।
D. चोल या चेर राजाओं ने वास्तुशिल्प, मूर्त एवं भवन निर्माण कला में तमिलनाडु को समृद्ध बनाया है। चोल वंशी शासक उत्साही निर्माता थे चोल काल दक्षिण भारतीय कला का स्वर्ण युग कहा जा सकता है।

Explanations:

चोल या चेर राजाओं ने वास्तुशिल्प, मूर्त एवं भवन निर्माण कला में तमिलनाडु को समृद्ध बनाया है। चोल वंशी शासक उत्साही निर्माता थे चोल काल दक्षिण भारतीय कला का स्वर्ण युग कहा जा सकता है।