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Q: निर्देश (181-189) :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंतत: उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था। प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव-संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं। लौटते हुए जीवक के मन में किस तरह के विचार आ रहे थे?
  • A. उसे अपनी असफलता के बारे में आचार्य से नहीं बताना चाहिए।
  • B. वह इससे अधिक परिश्रम नहीं करना चाहता।
  • C. उसकी शिक्षा पूरी हो चुकी है।
  • D. आचार्य द्वारा ली जा रही परीक्षा में क्या वह सफल हो पाएगा।
Correct Answer: Option D - लौटते हुए जीवक के मन में विचार आ रहा था कि आचार्य द्वारा ली जा रही परीक्षा में क्या वह सफल हो पाएगा।
D. लौटते हुए जीवक के मन में विचार आ रहा था कि आचार्य द्वारा ली जा रही परीक्षा में क्या वह सफल हो पाएगा।

Explanations:

लौटते हुए जीवक के मन में विचार आ रहा था कि आचार्य द्वारा ली जा रही परीक्षा में क्या वह सफल हो पाएगा।