Correct Answer:
Option D - पद्यांश में आयी ‘उषा चली आ रहीं’ पंक्ति में मानवीकरण अलंकार है। यहाँ भोर में फैलते प्रकाश की तुलना मानव से की जा रही है। जहाँ जड़ पर चेतन का आरोप हो अर्थात् प्रकृति पर मानवीय भावनाओं तथा क्रियाओं का आरोप हो वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।
D. पद्यांश में आयी ‘उषा चली आ रहीं’ पंक्ति में मानवीकरण अलंकार है। यहाँ भोर में फैलते प्रकाश की तुलना मानव से की जा रही है। जहाँ जड़ पर चेतन का आरोप हो अर्थात् प्रकृति पर मानवीय भावनाओं तथा क्रियाओं का आरोप हो वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।