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Q: निर्देश (151-159): निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त वाले विकल्प को चुनिए। समय की उपेक्षा करने वालों को समय नष्ट कर देता है। महात्मा गाँधी सभी कार्य निर्धारित समय पर करते थे इसलिए अत्यंत व्यस्त होते हुए भी निरंतर प्रगति करते हुए सफलतम महान व्यक्तियों की श्रेणी में पहुँचे। जेम्स वॉट, मैडम क्यूरी और एडीसन ने समय के प्रत्येक पल का सही उपयोग कर संसार को महान आविष्कार प्रदान किए। समय का सदुपयोग भाग्य निर्माण की आधारशिला है। असमय कार्य करने वाले कायर और निरुद्यमी बन जाते हैं। अपने कर्तव्य कर्म को बिना विलंब किए करना ही समय का सदुपयोग है। ऐसा करने वाला ही समय का पारखी भी है। जो समय का सदुपयोग करना जान लेता है वह जीवन को सही ढंग से जीना सीख जाता है। हर व्यक्ति को पैसों की अपेक्षा समय का अधिक हिसाब रखना होगा । तभी वह अपने क्षेत्र में सफल हो पाएगा। ‘सदुपयोग’ का सन्धि-विच्छेद है-
  • A. सदु + उपयोग
  • B. सदू + उपयोग
  • C. सद् + उपयोग
  • D. सत् + उपयोग
Correct Answer: Option D - ‘सदुपयोग’ का सन्धि-विच्छेद सत् + उपयोग है। यह व्यंजन सन्धि का उदाहरण है। इसके नियमानुसार व्यंजन वर्ण का व्यंजन या स्वर से मेल होने पर जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन सन्धि कहते हैं। जैसे- सत् + जन = सज्जन। सन्धि मुख्यत: तीन प्रकार की होती हैं- (i) स्वर सन्धि, (ii) व्यंजन सिंन्ध, (iii) विसर्ग सन्धि।
D. ‘सदुपयोग’ का सन्धि-विच्छेद सत् + उपयोग है। यह व्यंजन सन्धि का उदाहरण है। इसके नियमानुसार व्यंजन वर्ण का व्यंजन या स्वर से मेल होने पर जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन सन्धि कहते हैं। जैसे- सत् + जन = सज्जन। सन्धि मुख्यत: तीन प्रकार की होती हैं- (i) स्वर सन्धि, (ii) व्यंजन सिंन्ध, (iii) विसर्ग सन्धि।

Explanations:

‘सदुपयोग’ का सन्धि-विच्छेद सत् + उपयोग है। यह व्यंजन सन्धि का उदाहरण है। इसके नियमानुसार व्यंजन वर्ण का व्यंजन या स्वर से मेल होने पर जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन सन्धि कहते हैं। जैसे- सत् + जन = सज्जन। सन्धि मुख्यत: तीन प्रकार की होती हैं- (i) स्वर सन्धि, (ii) व्यंजन सिंन्ध, (iii) विसर्ग सन्धि।