Correct Answer:
Option A - कुद्रेमुख (कर्नाटक) लौह-अयस्क की ऐसी खान है जो लगभग 100% निर्यात इकाई है। मंगलुरू के बंदरगाह तक पहुँचाने हेतु पाइपलाइन से लौह-अयस्क को घोल के रूप में विशाखापत्तनतम तक पहुँचाया जाता है। कर्नाटक की अन्य लौह अयस्क खादान बेल्लारी, चित्रदुर्ग, चिकमंगलुरू और तुमकुरू है।
A. कुद्रेमुख (कर्नाटक) लौह-अयस्क की ऐसी खान है जो लगभग 100% निर्यात इकाई है। मंगलुरू के बंदरगाह तक पहुँचाने हेतु पाइपलाइन से लौह-अयस्क को घोल के रूप में विशाखापत्तनतम तक पहुँचाया जाता है। कर्नाटक की अन्य लौह अयस्क खादान बेल्लारी, चित्रदुर्ग, चिकमंगलुरू और तुमकुरू है।