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Q: निम्नलिखितेषु किं कथनम् असमीचीनम् ?
  • A. सम्प्रेषणात्मकं शिक्षणं मूलत: उत्पादककौशलयो:, यथा भाषणस्य लेखनस्य च समृद्ध्या सम्बद्धम् ।
  • B. सम्प्रेषणात्मकं शिक्षणं मूलत: व्याख्यान-अभिव्यक्ति-द्वारा अर्थस्पष्टीकरणेन सम्बद्धम्।
  • C. सम्प्रेषणात्मकं शिक्षणं व्यावहारिकजीवने भाषा-प्रयोगं लक्ष्यीकरोति।
  • D. सम्प्रेषणात्मकं शिक्षणं मूलत: वर्तन्या: भाषाया: च नियमानां द्वारा शब्दावल्या: व्याकरणनियमानां च शिक्षणेन सम्बद्धम् ।
Correct Answer: Option D - निम्नलिखित में असमीचीन कथन या असंगत कथन यह है कि सम्प्रेषणात्मक शिक्षक मूलरूप से वर्तनी, भाषा एवं नियमों द्वारा शब्दावली व्याकरण के नियमों एवं शिक्षण से सम्बद्ध है। यह कथन समीचीन है कि सम्प्रेषणात्मक शिक्षण मूलत: उत्पादन कौशल यथा - भाषण व लेखन की समृद्धि से सम्बद्ध है।
D. निम्नलिखित में असमीचीन कथन या असंगत कथन यह है कि सम्प्रेषणात्मक शिक्षक मूलरूप से वर्तनी, भाषा एवं नियमों द्वारा शब्दावली व्याकरण के नियमों एवं शिक्षण से सम्बद्ध है। यह कथन समीचीन है कि सम्प्रेषणात्मक शिक्षण मूलत: उत्पादन कौशल यथा - भाषण व लेखन की समृद्धि से सम्बद्ध है।

Explanations:

निम्नलिखित में असमीचीन कथन या असंगत कथन यह है कि सम्प्रेषणात्मक शिक्षक मूलरूप से वर्तनी, भाषा एवं नियमों द्वारा शब्दावली व्याकरण के नियमों एवं शिक्षण से सम्बद्ध है। यह कथन समीचीन है कि सम्प्रेषणात्मक शिक्षण मूलत: उत्पादन कौशल यथा - भाषण व लेखन की समृद्धि से सम्बद्ध है।