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Q: निम्नलिखित पद्यांश में अलंकार है: झरनों का पानी लेकर गज छिड़क रहे मतवाले। मानो जल बरस रहे हों सावन घन काले-काले।।
  • A. उपमा
  • B. श्लेष
  • C. यमक
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option E - दिये गये पद्यांश में ‘झरनों का पानी लेकर...........सावन घन काले-काले’ पद्यांश में उत्प्रेक्षा अलंकार है। जहाँ उपमेय की उपमान रूप में संभावना व्यक्त की जाए वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है; जबकि उपमा अलंकार में किसी प्रकार की समानता के कारण एक वस्तु दूसरी वस्तु के समान कही जाती है। श्लेष अलंकार के अन्तर्गत ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है जिनमें एक से अधिक अर्थ संश्लिष्ट होते हैं और यमक अलंकार में एक शब्द भिन्न अर्थो में एक से अधिक बार प्रयुक्त होता है।
E. दिये गये पद्यांश में ‘झरनों का पानी लेकर...........सावन घन काले-काले’ पद्यांश में उत्प्रेक्षा अलंकार है। जहाँ उपमेय की उपमान रूप में संभावना व्यक्त की जाए वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है; जबकि उपमा अलंकार में किसी प्रकार की समानता के कारण एक वस्तु दूसरी वस्तु के समान कही जाती है। श्लेष अलंकार के अन्तर्गत ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है जिनमें एक से अधिक अर्थ संश्लिष्ट होते हैं और यमक अलंकार में एक शब्द भिन्न अर्थो में एक से अधिक बार प्रयुक्त होता है।

Explanations:

दिये गये पद्यांश में ‘झरनों का पानी लेकर...........सावन घन काले-काले’ पद्यांश में उत्प्रेक्षा अलंकार है। जहाँ उपमेय की उपमान रूप में संभावना व्यक्त की जाए वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है; जबकि उपमा अलंकार में किसी प्रकार की समानता के कारण एक वस्तु दूसरी वस्तु के समान कही जाती है। श्लेष अलंकार के अन्तर्गत ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है जिनमें एक से अधिक अर्थ संश्लिष्ट होते हैं और यमक अलंकार में एक शब्द भिन्न अर्थो में एक से अधिक बार प्रयुक्त होता है।