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Q: निम्नलिखित में से वाक्य के शुद्ध रूप का चयन कीजिए।
  • A. रामचरितमानस के रचेता तुलसीदास है।
  • B. मैं आपसे शविनयपुर्वक निवेदन करता हूँ।
  • C. अनेक वर्षाें तक भारत के पाँवों में पराधीनता की बेड़ियाँ थीं।
  • D. उज्जवल चरित्र के लिए मानसिकता द्रढ़ता आवश्यक है।
Correct Answer: Option C - दिए गए विकल्पों में शुद्ध वाक्य है- अनेक वर्षों तक भारत के पाँवों में पराधीनता की बेडि़याँ थी। अन्य वाक्यों के शुद्ध रूप निम्न प्रकार होंगे- • रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास है। • मैं आपसे विनयपूर्वक निवेदन करता हूँ। • उज्ज्वल चरित्र के लिए मानसिक दृढ़ता आवश्यक है।
C. दिए गए विकल्पों में शुद्ध वाक्य है- अनेक वर्षों तक भारत के पाँवों में पराधीनता की बेडि़याँ थी। अन्य वाक्यों के शुद्ध रूप निम्न प्रकार होंगे- • रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास है। • मैं आपसे विनयपूर्वक निवेदन करता हूँ। • उज्ज्वल चरित्र के लिए मानसिक दृढ़ता आवश्यक है।

Explanations:

दिए गए विकल्पों में शुद्ध वाक्य है- अनेक वर्षों तक भारत के पाँवों में पराधीनता की बेडि़याँ थी। अन्य वाक्यों के शुद्ध रूप निम्न प्रकार होंगे- • रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास है। • मैं आपसे विनयपूर्वक निवेदन करता हूँ। • उज्ज्वल चरित्र के लिए मानसिक दृढ़ता आवश्यक है।