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Q: निम्नलिखित में से समाजीकरण के द्वितीयक कारक कौन-से हैं? (i) किताबें और पत्रिकाएँ (ii) निकट परिवार (iii) मीडिया (iv)स्कूल
  • A. (iii), (iv)
  • B. (ii), (iv)
  • C. (i), (iii), (iv)
  • D. (ii), (iii), (iv)
Correct Answer: Option C - समाजीकरण के द्वितीयक कारक निम्नलिखित है – किताबें और पत्रिकाएं, मीडिया, स्कूल , समाज, राजनैतिक और धार्मिक संस्थाएं आदि जबकि समाजीकरण के प्राथमिक कारकों में परिवार, पड़ोस, नातेदारी समूह आदि आते हैं। समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मनुष्य समाज के विभिन्न व्यवहार, रीति-रिवाज, गतिविधियाँ इत्यादि सीखता है। समाजीकरण के माध्यम से ही बालक संस्कृति को आत्मसात् करता है। समाजीकरण द्वारा संस्कृति, सभ्यता तथा अन्य अनगिनत विशेषताएं पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित होती हैं और जीवित रहती हैं। अत: समाजीकरण निरंतर चलने वाली सीखने की प्रक्रिया है।
C. समाजीकरण के द्वितीयक कारक निम्नलिखित है – किताबें और पत्रिकाएं, मीडिया, स्कूल , समाज, राजनैतिक और धार्मिक संस्थाएं आदि जबकि समाजीकरण के प्राथमिक कारकों में परिवार, पड़ोस, नातेदारी समूह आदि आते हैं। समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मनुष्य समाज के विभिन्न व्यवहार, रीति-रिवाज, गतिविधियाँ इत्यादि सीखता है। समाजीकरण के माध्यम से ही बालक संस्कृति को आत्मसात् करता है। समाजीकरण द्वारा संस्कृति, सभ्यता तथा अन्य अनगिनत विशेषताएं पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित होती हैं और जीवित रहती हैं। अत: समाजीकरण निरंतर चलने वाली सीखने की प्रक्रिया है।

Explanations:

समाजीकरण के द्वितीयक कारक निम्नलिखित है – किताबें और पत्रिकाएं, मीडिया, स्कूल , समाज, राजनैतिक और धार्मिक संस्थाएं आदि जबकि समाजीकरण के प्राथमिक कारकों में परिवार, पड़ोस, नातेदारी समूह आदि आते हैं। समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मनुष्य समाज के विभिन्न व्यवहार, रीति-रिवाज, गतिविधियाँ इत्यादि सीखता है। समाजीकरण के माध्यम से ही बालक संस्कृति को आत्मसात् करता है। समाजीकरण द्वारा संस्कृति, सभ्यता तथा अन्य अनगिनत विशेषताएं पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित होती हैं और जीवित रहती हैं। अत: समाजीकरण निरंतर चलने वाली सीखने की प्रक्रिया है।