Correct Answer:
Option C - 25 अगस्त, 2017 को अपने ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया जिसे अनुच्देछ-21 के तहत संरक्षण प्राप्त है। प्रधान न्यायाधीश जे.एस. खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय संविधान पीठ के सभी 9 सदस्यों ने एक स्वर में निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार बताया। ध्यातव्य है कि यह फैसले विभिन्न जन कल्याण कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा आधार कार्ड को अनिवार्य करने को चुनौती देनी वाली याचिकाओं पर आया था।
C. 25 अगस्त, 2017 को अपने ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया जिसे अनुच्देछ-21 के तहत संरक्षण प्राप्त है। प्रधान न्यायाधीश जे.एस. खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय संविधान पीठ के सभी 9 सदस्यों ने एक स्वर में निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार बताया। ध्यातव्य है कि यह फैसले विभिन्न जन कल्याण कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा आधार कार्ड को अनिवार्य करने को चुनौती देनी वाली याचिकाओं पर आया था।