Correct Answer:
Option D - OCR (Optical Character Recognition) का प्रयोग आब्जेक्टिव आंसर-सीट को जाँचने के लिए किया जाता है। स्कैनर द्वारा स्कैन किया गया डाक्यूमेंट बिटमैप इमेज के रूप में होता है, जिसके चित्र में एडिट कर सकते हैं, परन्तु टेक्स्ट में नहीं। OCR टेक्स्ट डाक्यूमेंट की पहचान कर उसे वर्ड प्रोसेसिंग टेक्स्ट में बदलता है ताकि उसमें सुधारात्मक प्रक्रिया संचालित की जा सके।
D. OCR (Optical Character Recognition) का प्रयोग आब्जेक्टिव आंसर-सीट को जाँचने के लिए किया जाता है। स्कैनर द्वारा स्कैन किया गया डाक्यूमेंट बिटमैप इमेज के रूप में होता है, जिसके चित्र में एडिट कर सकते हैं, परन्तु टेक्स्ट में नहीं। OCR टेक्स्ट डाक्यूमेंट की पहचान कर उसे वर्ड प्रोसेसिंग टेक्स्ट में बदलता है ताकि उसमें सुधारात्मक प्रक्रिया संचालित की जा सके।