Correct Answer:
Option D - कपिल ऋषि को हिन्दू दर्शन की सांख्य पद्धति के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। यह अद्वैत वेदान्त के विपरीत मान्यता रखने वाला दर्शन है। जिसका शाब्दिक अर्थ है संख्या संबंधी या विश्लेषण। इन्होंने सर्वप्रथम विकासवाद का प्रतिपादन किया और संसार को एक क्रम के रूप में देखा। गीता में इनको श्रेष्ठ मुनि कहा गया है।
D. कपिल ऋषि को हिन्दू दर्शन की सांख्य पद्धति के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। यह अद्वैत वेदान्त के विपरीत मान्यता रखने वाला दर्शन है। जिसका शाब्दिक अर्थ है संख्या संबंधी या विश्लेषण। इन्होंने सर्वप्रथम विकासवाद का प्रतिपादन किया और संसार को एक क्रम के रूप में देखा। गीता में इनको श्रेष्ठ मुनि कहा गया है।